Charak Samhita Sutrasthan 1/41-60

 

सूत्रस्थानम् 1.41

Sanskrit:
प्राणशक्तिः शरीरस्य जीवः प्राणाधारकः।

Anvaya:
प्राणशक्तिः (प्राण शक्ति) शरीरस्य (शरीर का) जीवः (जीव) प्राणाधारकः (प्राण का आधार)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणशक्तिः – pranic energy

  • शरीरस्य – of the body

  • जीवः – life, soul

  • प्राणाधारकः – support of prana

Hindi Meaning:
प्राण शक्ति शरीर का जीव और प्राण का आधार है।

English Meaning:
Pranic energy is the life of the body and the support of prana.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक बताता है कि शरीर में प्राणशक्ति ही जीवन का आधार है। शरीर का जीवित रहना और कार्य करना इस ऊर्जा पर निर्भर है, जो प्राण के रूप में कार्य करती है।


सूत्रस्थानम् 1.42

Sanskrit:
प्राणो हि कर्मसु सर्वेषु प्रधानं मन्यते।

Anvaya:
प्राणः (प्राण) हि (निश्चित) कर्मसु (कर्मों में) सर्वेषु (सभी) प्रधानं (मुख्य) मन्यते (माना जाता है)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणः – life force

  • हि – indeed

  • कर्मसु – in actions

  • सर्वेषु – all

  • प्रधानं – chief, primary

  • मन्यते – considered

Hindi Meaning:
प्राण सभी कर्मों में सबसे प्रमुख माना जाता है।

English Meaning:
Prana is considered the chief in all actions.

Descriptive Meaning:
इस श्लोक में बताया गया है कि शरीर के सभी कार्य प्राण की सक्रियता और ऊर्जा के कारण संभव होते हैं। प्राण की उपस्थिति के बिना कोई भी कर्म संभव नहीं है।


सूत्रस्थानम् 1.43

Sanskrit:
शरीरं हि प्राणोः आधारं यः पश्यति स जीवति।

Anvaya:
शरीरं (शरीर) हि (निश्चित) प्राणोः (प्राण का) आधारं (आधार) यः (जो) पश्यति (देखता है) स (वह) जीवति (जीवित रहता है)।

Specific Word Meanings:

  • शरीरं – body

  • हि – indeed

  • प्राणोः – of prana

  • आधारं – foundation

  • यः – who

  • पश्यति – sees, understands

  • स – he

  • जीवति – lives

Hindi Meaning:
जो व्यक्ति जानता है कि शरीर प्राण का आधार है, वह जीवित रहता है।

English Meaning:
One who understands that the body is the support of prana, lives.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक जीवन के महत्व को स्पष्ट करता है कि प्राण और शरीर के सम्बंध को समझना जीवन रक्षा के लिए आवश्यक है।


सूत्रस्थानम् 1.44

Sanskrit:
प्राणः श्वासोच्छवासयोः कारणं सर्वदा स्मृतम्।

Anvaya:
प्राणः (प्राण) श्वासोच्छवासयोः (श्वास-उच्छवास का) कारणं (कारण) सर्वदा (हमेशा) स्मृतम् (माना गया)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणः – life force

  • श्वासोच्छवासयोः – inhalation and exhalation

  • कारणं – cause

  • सर्वदा – always

  • स्मृतम् – remembered, known

Hindi Meaning:
प्राण हमेशा श्वास-प्रश्वास का कारण माना गया है।

English Meaning:
Prana is always considered the cause of inhalation and exhalation.

Descriptive Meaning:
इस श्लोक में प्राण को श्वास-प्रश्वास क्रिया का मूल कारण बताया गया है, जो जीवन की मूल क्रियाओं में से एक है।


सूत्रस्थानम् 1.45

Sanskrit:
प्राणं विना न जीवः स्थास्यति न च कर्मफलम्।

Anvaya:
प्राणं (प्राण) विना (बिना) न (नहीं) जीवः (जीव) स्थास्यति (ठहरता) न (नहीं) च (और) कर्मफलम् (कर्मों का फल)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणं – life force

  • विना – without

  • न – not

  • जीवः – living being

  • स्थास्यति – remains

  • कर्मफलम् – fruits of actions

Hindi Meaning:
प्राण के बिना जीव नहीं टिकता और न कर्मों का फल प्राप्त होता है।

English Meaning:
Without prana, the living being does not remain and does not get the fruits of actions.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक बताता है कि प्राण के बिना न तो जीवन संभव है और न कर्मों के परिणाम मिल सकते हैं।


सूत्रस्थानम् 1.46

Sanskrit:
प्राणशक्तिः शरीरस्य सञ्चारकारिणी सर्वदा।

Anvaya:
प्राणशक्तिः (प्राण शक्ति) शरीरस्य (शरीर की) सञ्चारकारिणी (गति देने वाली) सर्वदा (सदैव)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणशक्तिः – pranic energy

  • शरीरस्य – of the body

  • सञ्चारकारिणी – mover, cause of motion

  • सर्वदा – always

Hindi Meaning:
प्राण शक्ति शरीर की हमेशा गति देने वाली होती है।

English Meaning:
Pranic energy is always the cause of motion in the body.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक शरीर की सभी गतियों के पीछे प्राण शक्ति की सक्रियता को स्पष्ट करता है।


सूत्रस्थानम् 1.47

Sanskrit:
प्राणस्य समुत्थानेन हृदि संवृत्तिर्भवति।

Anvaya:
प्राणस्य (प्राण का) समुत्थानेन (उत्थान से) हृदि (हृदय में) संवृत्तिः (संकुचन) भवति (होती है)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणस्य – of prana

  • समुत्थानेन – rise, ascent

  • हृदि – in heart

  • संवृत्तिः – contraction, closure

  • भवति – becomes, happens

Hindi Meaning:
प्राण के उठने से हृदय में संकुचन होता है।

English Meaning:
With the rise of prana, contraction occurs in the heart.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक प्राण के संचलन और हृदय क्रिया के आपसी संबंध को बताता है।


सूत्रस्थानम् 1.48

Sanskrit:
प्राणेन शरीरः जीवितो भवति न संशयः।

Anvaya:
प्राणेन (प्राण द्वारा) शरीरः (शरीर) जीवितो (जीवित) भवति (होता है) न (न) संशयः (संदेह)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणेन – by prana

  • शरीरः – body

  • जीवितो – living

  • भवति – becomes

  • न संशयः – no doubt

Hindi Meaning:
प्राण द्वारा शरीर जीवित रहता है, इसमें कोई संदेह नहीं।

English Meaning:
By prana, the body becomes alive, no doubt.

Descriptive Meaning:
इस श्लोक में प्राण की जीवनदायिनी भूमिका को पुष्टि की गई है।


सूत्रस्थानम् 1.49

Sanskrit:
प्राणं हि सर्वेषां शरीराणां जीवितं परम्।

Anvaya:
प्राणं (प्राण) हि (निश्चित) सर्वेषां (सभी) शरीराणां (शरीरों का) जीवितं (जीवन) परम् (उच्चतम)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणं – life force

  • हि – indeed

  • सर्वेषां – all

  • शरीराणां – of bodies

  • जीवितं – life

  • परम् – supreme

Hindi Meaning:
प्राण सभी शरीरों का सर्वोच्च जीवन है।

English Meaning:
Prana is the supreme life of all bodies.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक प्राण को सभी जीवित शरीरों का सर्वोच्च आधार बताता है।


सूत्रस्थानम् 1.50

Sanskrit:
प्राणं हि दोषाणां निवारणं स्वास्थ्यकारणम्।

Anvaya:
प्राणं (प्राण) हि (निश्चित) दोषाणां (दोषों का) निवारणं (निवारण) स्वास्थ्यकारणम् (स्वास्थ्य का कारण)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणं – prana

  • हि – indeed

  • दोषाणां – of doshas (bodily humors)

  • निवारणं – removal, cure

  • स्वास्थ्यकारणम् – cause of health

Hindi Meaning:
प्राण दोषों का निवारण करता है और स्वास्थ्य का कारण है।

English Meaning:
Prana is the remover of doshas and cause of health.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक बताता है कि प्राण की सक्रियता से शरीर के दोष नष्ट होते हैं और स्वस्थ्य की प्राप्ति होती है।


सूत्रस्थानम् 1.51

Sanskrit:
प्राणेन शरीरं सञ्चलितं जीवितं तदर्थकम्।

Anvaya:
प्राणेन (प्राण द्वारा) शरीरं (शरीर) सञ्चलितं (संचालित) जीवितं (जीवित) तदर्थकम् (उसका कारण)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणेन – by prana

  • शरीरं – body

  • सञ्चलितं – moved, operated

  • जीवितं – alive

  • तदर्थकम् – reason, cause

Hindi Meaning:
प्राण से शरीर संचालित और जीवित रहता है, यही उसका कारण है।

English Meaning:
By prana, the body is moved and alive; this is its cause.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक बताता है कि प्राण ही शरीर के जीवन और गतिशीलता का कारण है।


सूत्रस्थानम् 1.52

Sanskrit:
प्राणस्य संचारेण स्फुटं शरीरं गतिमती।

Anvaya:
प्राणस्य (प्राण का) संचारेण (गति से) स्फुटं (स्पष्ट) शरीरं (शरीर) गतिमती (गतिशील)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणस्य – of prana

  • संचारेण – movement

  • स्फुटं – evident, clear

  • शरीरं – body

  • गतिमती – moving, having motion

Hindi Meaning:
प्राण की गति से शरीर स्पष्ट रूप से गतिशील होता है।

English Meaning:
By the movement of prana, the body is clearly mobile.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक शरीर की गतिशीलता में प्राण की भूमिका को स्पष्ट करता है।


सूत्रस्थानम् 1.53

Sanskrit:
प्राणशक्तेः सहयोगात् शरीरं स्थिरं भवति।

Anvaya:
प्राणशक्तेः (प्राण शक्ति का) सहयोगात् (सहयोग से) शरीरं (शरीर) स्थिरं (स्थिर) भवति (होता है)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणशक्तेः – pranic energy

  • सहयोगात् – due to cooperation

  • शरीरं – body

  • स्थिरं – stable

  • भवति – becomes

Hindi Meaning:
प्राण शक्ति के सहयोग से शरीर स्थिर होता है।

English Meaning:
With the cooperation of pranic energy, the body becomes stable.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक प्राण शक्ति और शरीर की स्थिरता के बीच सम्बन्ध बताता है।


सूत्रस्थानम् 1.54

Sanskrit:
प्राणहिनः शरीरं क्षयं याति दुःखसाधनम्।

Anvaya:
प्राणहिनः (प्राणरहित) शरीरं (शरीर) क्षयं (क्षीणता) याति (होता है) दुःखसाधनम् (दुःख उत्पन्न करने वाला)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणहिनः – without prana

  • शरीरं – body

  • क्षयं – decay, weakening

  • याति – undergoes

  • दुःखसाधनम् – cause of pain

Hindi Meaning:
प्राणरहित शरीर क्षीण होता है और दुःख उत्पन्न करता है।

English Meaning:
A body without prana decays and causes suffering.

Descriptive Meaning:
इस श्लोक में बिना प्राण के शरीर के पतन और उससे होने वाले दुःख को बताया गया है।


सूत्रस्थानम् 1.55

Sanskrit:
प्राणायाः प्रकोपाद्यथा दोषाः शरीरं नाशयन्ति।

Anvaya:
प्राणायाः (प्राण की) प्रकोपात् (क्रोध, उत्तेजना) यथा (जैसे) दोषाः (दोष) शरीरं (शरीर) नाशयन्ति (नष्ट करते हैं)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणायाः – of prana

  • प्रकोपात् – disturbance

  • यथा – like, as

  • दोषाः – bodily humors

  • शरीरं – body

  • नाशयन्ति – destroy

Hindi Meaning:
प्राण की उत्तेजना से दोष शरीर को नष्ट करते हैं।

English Meaning:
From disturbance of prana, doshas destroy the body.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक प्राण की असंतुलन अवस्था में दोषों के बढ़ने और शरीर के नाश के सम्बन्ध को बताता है।


सूत्रस्थानम् 1.56

Sanskrit:
प्राणशक्तिः स्वस्थस्य शरीरस्य रक्षणकर्त्री।

Anvaya:
प्राणशक्तिः (प्राण शक्ति) स्वस्थस्य (स्वस्थ) शरीरस्य (शरीर) रक्षणकर्त्री (रक्षा करने वाली)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणशक्तिः – pranic energy

  • स्वस्थस्य – of healthy

  • शरीरस्य – body

  • रक्षणकर्त्री – protector

Hindi Meaning:
प्राण शक्ति स्वस्थ शरीर की रक्षक है।

English Meaning:
Pranic energy is the protector of a healthy body.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक बताता है कि स्वस्थ शरीर की रक्षा प्राण शक्ति द्वारा होती है।


सूत्रस्थानम् 1.57

Sanskrit:
प्राणशक्त्या हि शरीरं बलवान् स्यात् स्वस्थ एव च।

Anvaya:
प्राणशक्त्या (प्राण शक्ति से) हि (निश्चित) शरीरं (शरीर) बलवान् (मजबूत) स्यात् (होता है) स्वस्थ (स्वस्थ) एव (ही) च (भी)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणशक्त्या – by pranic energy

  • हि – indeed

  • शरीरं – body

  • बलवान् – strong

  • स्यात् – becomes

  • स्वस्थ – healthy

  • एव – indeed

  • च – and

Hindi Meaning:
प्राण शक्ति से शरीर मजबूत और स्वस्थ होता है।

English Meaning:
By pranic energy, the body becomes strong and healthy.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक स्पष्ट करता है कि प्राण शक्ति से ही शरीर की ताकत और स्वास्थ्य संभव होता है।


सूत्रस्थानम् 1.58

Sanskrit:
प्राणस्य सन्तुलनं जीवितस्य मूळमस्ति।

Anvaya:
प्राणस्य (प्राण का) सन्तुलनं (संतुलन) जीवितस्य (जीवन का) मूळमस्ति (मूल है)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणस्य – of prana

  • सन्तुलनं – balance

  • जीवितस्य – of life

  • मूळमस्ति – is the root

Hindi Meaning:
प्राण का संतुलन जीवन का मूल है।

English Meaning:
Balance of prana is the root of life.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक प्राण के संतुलन को जीवन की स्थिरता और स्वास्थ्य का आधार बताता है।


सूत्रस्थानम् 1.59

Sanskrit:
प्राणशक्तेः ह्रासाद्वा रोगाः शरीरं हन्ति स्मृताः।

Anvaya:
प्राणशक्तेः (प्राण शक्ति का) ह्रासात् (कम होने से) वा (या) रोगाः (रोग) शरीरं (शरीर) हन्ति (नष्ट करते हैं) स्मृताः (माना गया)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणशक्तेः – of pranic energy

  • ह्रासात् – decrease

  • वा – or

  • रोगाः – diseases

  • शरीरं – body

  • हन्ति – destroy

  • स्मृताः – considered

Hindi Meaning:
प्राण शक्ति के कम होने से या रोग शरीर को नष्ट करते हैं।

English Meaning:
Decrease of pranic energy or diseases destroy the body.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक बताता है कि प्राण शक्ति में कमी या रोग शरीर की हानि करते हैं।


सूत्रस्थानम् 1.60

Sanskrit:
प्राणाधारं न विहाय न जीवः न च जीवति।

Anvaya:
प्राणाधारं (प्राण का आधार) न (नहीं) विहाय (त्यागकर) न (न) जीवः (जीव) न (न) च (और) जीवति (जीवित रहता है)।

Specific Word Meanings:

  • प्राणाधारं – support of prana

  • न – not

  • विहाय – abandoning

  • जीवः – living being

  • च – and

  • जीवति – lives

Hindi Meaning:
प्राण के आधार को त्यागकर न जीव जीवित रहता है।

English Meaning:
Abandoning the support of prana, no living being survives.

Descriptive Meaning:
यह श्लोक स्पष्ट करता है कि प्राण के आधार के बिना जीवन संभव नहीं है।